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कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने आत्मसमर्पण किया

Posted by on Oct 16th, 2011 and filed under खास खबर. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

गिरफ्तारी का सामना कर रहे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शनिवार को यहां लोकायुक्त की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया और उन्हें एक हफ्ते के लिए जेल भेज दिया गया। कथित भूमि घोटाले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उन्होंने आज शाम आत्मसमर्पण किया।

दिन भर चले नाटकीय घटनाक्रम में 68 वर्षीय भाजपा नेता अदालत में उपस्थित हुए, जबकि पुलिस अधिकारियों का एक दल उन्हें गिरफ्तार करने उनके घर पहुंचा था। अवैध खनन घोटाले में लोकायुक्त द्वारा दोषी करार दिए जाने के परिप्रेक्ष्य में 31 जुलाई को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

येदियुरप्पा जेल जाने वाले कर्नाटक के पहले पूर्व मुख्यमंत्री हैं और यह घटनाक्रम भाजपा के लिए काफी शर्मिंदगी की बात हैं क्योंकि इसके शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी यात्रा पर निकले हुए हैं।

दक्षिण भारत में भाजपा की पहली सरकार का नेतृत्व करने वाले येदियुरप्पा आडवाणी की यात्रा में दिखाई नहीं पड़े थे। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के समय जमीन को गैर अधिसूचित करने में कथित अनियमितता के लिए दो वकीलों ने येदियुरप्पा के खिलाफ शिकायत दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए लोकायुक्त के न्यायाधीश एनके सुधीन्द्र राव ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

पूर्व मुख्यमंत्री अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हुए, जबकि उनके बेटे बीवाई राघवेन्द्र और बीवाई विजेन्द्र एवं दामाद सोहन कुमार अदालत में उपस्थित हुए और उन्हें जमानत मिल गई। न्यायाधीश ने येदियुरप्पा को 22 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उनके वकील एमबी नाईक ने इससे पहले कहा था कि लोकायुक्त के फैसले को वह उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।

अन्य आरोपी पूर्व मंत्री एसएन कृष्णैया शेट्टी को भी 22 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि भाजपा विधायक हेमचंद्र सागर और दस अन्य को इस मामले में जमानत दे दी गई।

येदियुरप्पा और शेट्टी की जमानत याचिकाओं को उनके अपराध की गंभीरता के आधार पर खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि जमीनों को गैर अधिसूचित करने में कथित अनियमितता में दोनों की संलिप्तता ‘व्यापक’ है। कोर्ट ने कहा कि चूंकि दोनों शक्तिशाली और प्रभावशाली लोग हैं इसलिए वे गवाहों पर दबाव बना सकते हैं और साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।

इससे पहले खचाखच भरी अदालत में फैसला सुनाते हुए उन्होंने येदियुरप्पा और शेट्टी की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया, लेकिन 14 अन्य की जमानत याचिका मंजूर कर ली।

येदियुरप्पा के आत्मसमर्पण करने के तुरंत बाद लोकायुक्त की एक टीम उन्हें पारापना अग्रहारा केंद्रीय कारागार ले गई। येदियुरप्पा के परिजनों को जमानत के लिए दो मामलों में पांच लाख रुपए और दस लाख रुपए का मुचलका भरने का निर्देश दिया गया।

अदालत ने बाकी आरोपियों को पांच लाख रुपए का मुचलका भरने का निर्देश दिया और शर्त लगा दी कि उन्हें साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए और देश छोड़कर भागने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

फैसला सुनते ही शेट्‍टी बेहोश : अदालत का फैसला सुनते ही शेट्टी बेहोश हो गए, जबकि स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर येदियुरप्पा अदालत में उपस्थित नहीं हुए। शेट्टी की स्थिति देखते हुए न्यायाधीश ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जेल भेजे जाने से पहले उन्हें उपयुक्त चिकित्सा मुहैया कराई जाए।

अदालत के कड़े रुख से चिंतित मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौडा ने अपनी मुंबई की प्रस्तावित यात्रा फौरन रद्द कर दी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होनें बाद में मंत्रिमंडल के अहम सहयोगियों से भी बदलते घटनाक्रम पर भी विचार विमर्श किया।

राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने बेंगलुरु के गेद्दालाहल्ली में भूखंड को गैर अधिसूचित करने के मामले में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के आरोपों में येदियुरप्पा के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए बाशा को मंजूरी दी थी।

बाशा ने येदियुरप्पा के खिलाफ भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और भूखंड को गैर अधिसूचित करने के पांच आरोपों के सिलसिले में उस समय मुकदमा चलाने की मांग की थी, जब वे मुख्यमंत्री थे अपने पुत्रों के पक्ष में भूखंड को गैर अधिसूचित करने से संबंधित दो मामलों में येदियुरप्पा के खिलाफ आज वारंट जारी किए गए।

इससे पूर्व येदियुरप्पा ने लोकायुक्त में उनके खिलाफ दायर मामलों और उच्च न्यायालय में उनके खिलाफ जारी समन को खारिज करने संबंधी दो याचिकाएं दायर की थीं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बीएस पाटिल ने 30 सितंबर को लोकायुक्त अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी, लेकिन बाशा की अपील पर पीठ ने चार अक्टूबर को इस रोक को हटा लिया था। (एजेंसियां)

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