कैबीनेट की पुन: व्यवस्था करेगी नीतियों को रीसेट
”सिवीक जर्नलिज्म” के समर्थन से बढ़ेगें देश में नए अवसरों के साधनब्रैम्पटन। प्रधानमंत्री जस्टीन ट्रुडो ने गत बुधवार को अपनी नई कैबीनेट की घोषणा कर दी, जिससे देश में नए अवसरों के साधन खुलेंगे। माना जा रहा हैं कि प्रधानमंत्री ने यह बदलाव अगले वर्ष के चुनावों के मद्देनजर किया हैं, जिससे इसका लाभ उन्हें चुनावों में मिले। केंद्रीय नीतियों को लोगों तक पहुंचाने का सबसे उत्तम साधन न्यूज संस्थाएं होती हैं, बिना किसी शक्ति के ये समाचार संस्थाएं इन नीतियों के प्रचार-प्रसार में अधिक सक्षम नहीं होती, इसलिए इन्हें केंद्रीय अधिकारियों का समर्थन दिया गया और रिसर्च आदि करवाकर ये कंपनियां लोगों की राय प्राप्त कर सकेंगी जिससे सरकार को समय-समय पर यह पता लगता रहेगा कि उनकी कौन सी नीतियों से जनता प्रभावित हैं और कौन सी नीतियों से लोगों को राहत नहीं हैं। कंपनियों को किसी भी रुप में ढालनेे के लिए फंड की भी आवश्यकता होगी। थॉमस सी. लीयोनार्ड ने बताया कि मीडिया किसी भी राजनैतिक पार्टी के लिए प्राथमिकता का कार्य करती हैं, और सभी पार्टियों को अपने प्रचार के लिए इसकी आवश्यकता होती हैं, पत्रकारिता का प्रावधान इसके परामर्श हेतु उचित रहता हैं, सरकार के लिए स्वयं क्लासिक लिबरलीज्म एक लंबे समय तक चलने वाला साधन होगा। ज्ञात हो कि सदैव ही राजनीति पर मीडिया बहुत अधिक प्रभाव डालती हैं, पुराने समय से जिस पार्टी का प्रचार मीडिया द्वारा अधिक रहा वे सफलता को प्राप्त करती हैं, क्योंकि मीडिया किसी न किसी माध्यम से लोगों के साथ अधिक जुड़ा हुआ हैं। आज के समय में सोशल मीडिया एक ऐसा साधन हैं जिसमें सभी अपनी आवाज ढूंढते हैं और कहीं न कहीं उससे जुड़ जाते हैं। परंतु इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि सोशल मीडिया पर अधिक झूठी खबरों का प्रचार न हो, इससे मीडिया की छवि धूमिल होती हैं, वर्तमान में लोग फेसबुक, ट्विटर आदि का उपयोग बहुत अधिक करते हैं, परंतु इस पर गलत खबरों से बचना होगा।

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