पूर्व एनडीपी विदेश समीक्षक पॉल देवार का निधन
– 56 वर्षीय देवार पिछले एक वर्ष से ब्रेन कैंसर से पीड़ित थेऔटवा। पॉल देवार का नाम कौन नहीं जानता एक कुशल अध्यापक और यूनियन नेता थे, इसके अलावा न्यू डैमोक्रेटस के विदेश समीक्षक के रुप में कार्यरत थे का निधन बुधवार को हो गया, वह ब्रेन कैंसर से पीड़ित थे। वह बचपन से ही कठोर परिश्रमी व अनुभवी नेता रहे, वर्ष 2015 के पश्चात अपनी राजनैतिक हार के पश्चात से वह बीमारी के कारण इस क्षेत्र में कभी वापस ही नहीं आ सके। कैंसर का पता लगने के पश्चात भी उन्होंने जीवन को हमेशा सकरात्मक पहलुओं में ही देखा और सदैव प्रसन्न रहें। देवार सदैव ही बाल हिंसा के प्रबल विरोधी रहे हैं, ज्ञात हो कि अपने ईलाज के दौरान जब उन्होंने जून 2018 में एक हाई स्कूल में एक छात्र द्वारा 17 लोगों की निर्मम हत्या की खबर सुनी तो वह अंदर तक कांप गए, उन्होंने अपनी पीड़ा को भी भुला दिया और इस विषय पर छात्रों को जागरुक करने की एक योजना तैयार की और जीवन के अंत तक उसी पर कार्य करते रहे। उनकी मृत्यु पर पूरे कैनेडा में जैसे शोक लहर दौड़ गई, साथ करने वाले राजनेताओं ने उन्हें एक महान राजनीतिज्ञ व सुधारक बताया। गौरतलब हैं कि उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर यहीं संदेश लिखा था कि किसी भी देश में सबसे बड़ा बदलाव तभी आएगा जब उसकी युवा पीढ़ी निराशावादी नहीं होगी। उनका पूरा जीवन चुनौतियों से भरा रहा, वर्ष 2012 में वह एनडीपी नेता चुने गए परंतु जब वर्ष 2015 में लिबरल नेता कैथरीन मक्कीना ने उन्हें पराजित कर दिया तो बहुत से लोगों को गहरा आश्चर्य हुआ कि वह कैसे हार गए? उसके पश्चात उन्हें इतनी बड़ी बीमारी लग गई, परंतु उनके कठोर व्यक्तित्व के कारण उन्होंने इसे भी हंसते हुए झेला और अंत तक अपने जीवन को एक उदाहरण बनाएं रखा।

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