ऑपरेशन सिंदूर : भारत ने 5 पाकिस्तानी फाइटर जेट और एक एयरक्राफ्ट को मार गिराया

Operation Sindoor: India shot down 5 Pakistani fighter jets and one aircraft

एयरफोर्स चीफ एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ऑपेरशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को बहुत बड़ा नुकसान हुआ जिसकी वजह से पाकिस्तान सीज़फायर के लिए मजबूर हुआ। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने 5 पाकिस्तानी फाइटर जेट और एक एयरक्राफ्ट को मार गिराया।

इस पूरे ऑपरेशन में S-400 गेमचेंजर साबित हुआ। भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने शानदार काम किया। उन्होंने कहा- भारतीय सेना पाकिस्तान को लाउड एंड क्लियर मैसेज देना चाहती थी कि अगर पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया तो भारत मुंहतोड़ जवाब देगा।

पहली बार भारतीय वायुसेना ने इस बात की तस्दीक़ की कि भारत ने पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमान को मार गिराया। नूर ख़ान बेस के साथ बुरारी बेस पर मौजूद एयरक्राफ्ट को भी ध्वस्त किया। एयरफोर्स चीफ ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 2 कमांड सेंटर, 6 रडार उड़ाए साथ ही 3 हैंगर को भी ध्वस्त कर दिया।

एयरफोर्स चीफ ने एयर डिफेंस सिस्टम आकाश की तारीफ की और कहा कि उसने पाकिस्तानी हमले का करारा जवाब दिया। हमने पाकिस्तान के रडार सिस्टम को तबाह कर दिया। हमारे किसी मिलिट्री स्टेशन पर नुकसान नहीं पहुंचा। उन्होंने ड्रोन सिस्टम की भी तारीफ की और कहा कि हमारे ड्रोन सिस्टम ने शानदार काम किया।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बहावलपुर की तस्वीरें दिखाई और कहा कि जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय पर किए गए हमले में आसपास की इमारतें बिल्कुल सुरक्षित हैं। केवल जैश के मुख्यालय को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि हमारे पास न केवल सैटेलाइट की तस्वीरें थीं बल्कि स्थानीय मीडिया की भी तस्वीरें थें जिनके जरिए हम अंदर की तस्वीरें प्राप्त कर सकते थे।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मुरीदके-लश्कर-ए-तैयबा मुख्यालय पर हमले की पहले और बाद की तस्वीरें दिखाते एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने वहां हुए नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने एस-400 सिस्टम की तारीफ करेत हुए कहा कि हमने हाल ही में इसे खरीदा है और इसने गेम चेंजर की भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि एस-400 सिस्टम के सामने पाकिस्तानी आक्रमण बुरी तरह से फेल साबित हुआ। उनके हथियार इस सिस्टम को नहीं भेद पाए।

मार्शल एपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का एक प्रमुख कारण राजनीतिक इच्छाशक्ति रही। हमें बहुत स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। हम पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाए गए थे। अगर कोई बाधाएं थीं, तो वे स्व-निर्मित थीं। हमने तय किया कि कितना आगे बढ़ना है।

हमें योजना बनाने और उसे क्रियान्वित करने की पूरी स्वतंत्रता थी। हमारे हमले सोच-समझकर किए गए थे। उन्होंने कहा कि इस दौरान तीनों सेनाओं के बीच एक बढ़िया को-ऑर्डिनेशन था। सीडीएस के पद ने वास्तव में अंतर पैदा किया।  एनएसए ने भी सभी एजेंसियों को एक साथ लाने में बड़ी भूमिका निभाई।

News Source : indiatv.in

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