
नई दिल्ली। भारतीय रेल केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि करोड़ों सपनों और उम्मीदों को जोड़ने वाली जीवनरेखा है। इसी विशाल नेटवर्क में एक नाम ऐसा है जो सेवा, करुणा और मानवता की परिभाषा बन चुका है — श्री राकेश शर्मा।
-आंकड़ों से परे, संवेदनाओं का इतिहास
-अब तक 1,745 खोई हुई वस्तुएं सुरक्षित लौटाईं, जिनमें 40 विदेशी नागरिकों का सामान भी शामिल।
-अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, इटली, अर्जेंटीना, दक्षिण कोरिया, यूएई जैसे देशों के यात्री उनके प्रयास से मुस्कान के साथ घर लौटे।
-लौटाए गए सामान में पासपोर्ट, पर्स, लैपटॉप, आभूषण, नकदी व विदेशी मुद्रा शामिल।
-अनुमानित कुल मूल्य—4.5 करोड़।

जब सेवा एक जीवन मिशन बन जाए
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का सामान खो जाना सामान्य घटना है, लेकिन श्री शर्मा ने इसे अपना ‘पर्सनल मिशनÓ बना लिया। मोबाइल नंबर, पीएनआर और सोशल मीडिया से यात्रियों तक पहुँचकर सामान लौटाना उनकी पहचान बन गया। उस दौर में भी जब मोबाइल फोन आम नहीं थे, वे अपने वेतन से टिकट लेकर यात्रियों को सुरक्षित घर पहुँचाते थे।
सम्मान जो स्वयं बोलते हैं
श्री शर्मा को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले विशिष्ट सम्मान:
अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार-2023 (रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा)
समाज रत्न अवार्ड-2024
प्रेरणादीप सम्मान-2025 (एनबीटी, उपराज्यपाल दिल्ली से)
एनडीटीवी- आज का सितारा-2022 (1,00,000 सहित)
संकटमोचक व ‘रेलवे मसीहाÓ की उपाधि (एनडीटीवी)
एक अलग व्यक्तित्व सम्मान – 2004 (राष्ट्रीय सहारा)
आँकड़े जो कहानी कहते हैं
वर्षवार सामान वापसी
2016 – 2
2017 – 25
2018 – 19
2019 – 75
2020 – 88
2021 – 129
2022 – 291
2023 – 390
2024 – 476
2025 (अब तक)-250
विदेशी नागरिकों के मामले (40)
यूके-10, यूएसए-8, कैनेडा-5, ऑस्ट्रेलिया-2, नेपाल-2
अन्य देश : जर्मनी, इटली, अर्जेंटीना, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, यूक्रेन, दक्षिण कोरिया, यूएई, बार्सिलोना-1-1
भारतीय राज्यों से लौटाए गए सामान
दिल्ली-320, उत्तर प्रदेश-294, पंजाब-246, हरियाणा-170, बिहार-87, चंडीगढ़-68, महाराष्ट्र-64, पश्चिम बंगाल-60, राजस्थान-45, अन्य सहित कुल- 1,745
लौटाई गई नकदी व मुद्रा
22,27,568 भारतीयनकद+2,106 यूएसडी + 2,200 आरएमबी+1,600 क्चड्डठ्ठष्श स्रद्ग ष्टद्धद्बद्यद्ग+1 रियाल
लौटाए गए आभूषण
सोने की चेन-2, ईयररिंग्स-6, नोजपिन-3, डायमंड/गोल्ड रिंग-4, मंगलसूत्र-2, नेकलेस-1, मांगटीका-1, चांदी की पायल-2, अन्य-5
केवल स्टेशन मैनेजर नहीं, विश्व के प्रेरणास्तंभ
श्री राकेश शर्मा का संदेश स्पष्ट है:-
कर्तव्य और करुणा जब मिलते हैं, तो नौकरी सेवा नहीं, मानवता का अभियान बन जाती है।
वे केवल भारतीय रेलवे ही नहीं, बल्कि पूरे भारत और वैश्विक समाज के लिए एक जीवंत प्रेरणा हैं। सच के हीरो $िफल्मों में नहीं, रेलवे स्टेशन पर भी मिलते हैं।

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