
सिडनी। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ऑस्ट्रेलिया में कैनेडा ट्रेड और डिफेंस में सहयोग को बढ़ाकर पहले से भी मजबूत करने के लिए सिडनी पहुंचे। प्रधानमंत्री लोकल टाइम के हिसाब से मंगलवार दोपहर सिडनी पहुंचे, जब कैनेडा में सोमवार शाम थी। उम्मीद है कि वे यहां सिडनी में कई संबंधित व्यापारिक नेताओं से भी मिलेंगे।
कार्नी की आस्ट्रेलिया यात्रा में उनके साथ रक्षामंत्री डेविड मैकगिन्टी भी मौजूद थे, जिन्होंने मंगलवार को कहा, ‘यह कैनेडा के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण रिश्ता है जिसे आगे भी मजबूत बनाया जाना चाहिए। यह ऐसा रिश्ता है जो सालों के सहयोग पर आधारित है।’ उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा कि कैनेडा ऑस्ट्रेलिया के साथ दो ट्रैक पर रिश्ते मजबूत कर रहा हैं, पहला गहरा इकोनॉमिक कनेक्शन और दूसरा डिफेंस – सिक्योरिटी को मजबूत करना शामिल हैं।
मैकगिन्टी ने कहा कि ”ऑस्ट्रेलिया में कैनेडा के साथ काम करने के लिए एक नया खुलापन है।” ”मैं कहूंगा कि प्रधानमंत्री का आउटरीच और यह इशारा करना कि मिडिल पावर्स के एक साथ आने और इकोनॉमी, डिफेंस, सिक्योरिटी पर सहयोग करने का एक और तरीका है, एक ऐसा मैसेज है जो बहुत मजबूती से गूंजता है।”
सिडनी पहुंचने के तुरंत बाद मैकगिन्टी ने मीडिया से बातचीत की, वहीं कार्नी ने पिछले कई दिनों से रिपोर्टरों से बात नहीं की है। ज्ञात हो कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मीटिंग के बाद, उनके ऑफिस ने भारत में सोमवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कैंसिल कर दी। उनके ऑफिस ने मंगलवार को सवालों के जवाब देने के लिए उन्हें उपलब्ध कराने के रिपोर्टरों के अनुरोध को मना कर दिया।
गुरुवार को वह ऑस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित करने के लिए कैनबरा जाएंगे। इसके बाद कार्नी टोक्यो के लिए रवाना होंगे। कार्नी ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से मिलेंगे, जो 2022 से देश की सत्ता में हैं। दोनों देश कॉमनवेल्थ देशों में शामिल हैं और अमेरिका, यू.के. और न्यूजीलैंड के साथ फाइव आईज इंटेलिजेंस-शेयरिंग अलायंस में पार्टनरस भी हैं।
एशिया पैसिफिक फाउंडेशन की वाइस-प्रेसिडेंट वीना नादजीबुल्ला ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया जाहिर तौर पर इंडो-पैसिफिक में कैनेडा का एक नेचुरल पार्टनर है।’ दोनों देश कमोडिटी एक्सपोर्टर हैं और नादजीबुल्ला ने कहा कि बीजिंग ने टकराव के समय एक या दूसरे देश से इम्पोर्ट सोर्सिंग की अदला-बदली की है, जैसे कि जब उसने एक डिप्लोमैटिक विवाद के दौरान कैनेडियन इम्पोर्ट पर रोक लगाई थी, तो ऑस्ट्रेलियाई कैनोला प्रोडक्ट्स खरीदना। इंडो-पैसिफिक देशों में, ऑस्ट्रेलिया कैनेडा के लिए दोनों तरफ फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट का ”अब तक का सबसे बड़ा सोर्स” रहा है, नादजीबुल्ला ने कहा, खासकर कैनेडियन पेंशन फंड के लिए।
कैनबरा ने कैनेडा की कुछ पहलों पर भी साइन किए हैं, जिन्हें पश्चिमी देशों की चीन पर निर्भरता कम करने के लिए जरूरी मिनरल्स की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया है। नादजीबुल्ला ने कहा कि कैनेडा कुछ खास स्ट्रेटेजिक रूप से जरूरी मिनरलस को जमा करने की ऑस्ट्रेलियाई पहल से सीख सकता है। पिछले नवंबर में साउथ अफ्रीका में जी20 समिट में, कार्नी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के साथ उभरती टेक्नोलॉजी पर एक पार्टनरशिप शुरू की, हालांकि तीनों देशों में से किसी ने भी इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी है कि उस काम में क्या शामिल होगा।
औटवा और कैनबरा ने पिछले साल कैनेडा के लिए आर्कटिक में इस्तेमाल के लिए ऑस्ट्रेलिया से एक ओवर-द-होराइजन रडार सिस्टम खरीदने के लिए एक एग्रीमेंट साइन किया था और नादजीबुल्ला ने कहा कि दोनों साइबर सिक्योरिटी या क्वांटम टेक्नोलॉजी से जुड़े डिफेंस-इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स के जरिए इस पर काम कर सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया उन देशों में से एक था, जिनके बारे में कैनेडा ने पिछले महीने एक स्ट्रैटेजी में बताया था कि औटवा अपने डिफेंस को मजबूत करने के लिए अरबों डॉलर कैसे खर्च करना चाहता है।
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प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वह यूरोपियन यूनियन को एक बड़े पैसिफिक रिम ट्रेड ब्लॉक के साथ किसी तरह की पार्टनरशिप में शामिल होने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया भी शामिल है और इसे सीपीटीपीपी कहा जाता है। कैनेडा उस ब्लॉक का मेंबर है और उसका ईयू के साथ एक ट्रेड एग्रीमेंट है। नादजीबुल्ला ने कहा कि इसका मकसद वल्र्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन में बीजिंग और वाशिंगटन द्वारा पैदा की गई गड़बड़ी से बचना है और अधिकतर दूसरी बड़ी इकॉनमी को तय नियमों के साथ ट्रेड करने देना है।
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उन्होंने कहा, ‘एक ओवरऑल मल्टीलेटरल फ्रेमवर्क की गैर-मौजूदगी में, अगला सबसे अच्छा ऑप्शन इस तरह का छोटा कोएलिशन है, जिसमें ऐसे देश शामिल हैं जो अभी भी नियमों पर आधारित ट्रेड में दिलचस्पी रखते हैं और इन वैल्यूज को बनाए रखने में दिलचस्पी रखते हैं।’ जबकि ऑस्ट्रेलिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अनिश्चित पॉलिसीज से जूझ रहा है, नादजीबुल्ला ने कहा कि यह याद रखना जरूरी है कि कैनेडा नजदीकी की वजह से अमेरिकी इकॉनमी में कहीं अधिक इंटीग्रेटेड है।
