
उत्तर कोरिया ने बुधवार को बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया, जो पिछले 5 महीने में देश का पहला मिसाइल परीक्षण है। यह परीक्षण ऐसे वक्त किया गया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य नेताओं की कुछ दिन बाद दक्षिण कोरिया में बैठक होनी है। दक्षिण कोरिया अगले सप्ताह एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। दक्षिण कोरिया के ‘ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ’ ने बताया कि दक्षिण कोरिया की सेना को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के दक्षिण से कम दूरी वाली संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलों को प्रक्षेपित किए जाने का पता चला है।
दक्षिण कोरिया के ‘ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ’ ने बताया कि प्रक्षेपास्त्र उत्तर-पूर्व दिशा में लगभग 350 किलोमीटर तक उड़े, लेकिन यह नहीं बताया गया कि वो कहां गिरे। दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि वह अपने सहयोगी देश अमेरिका के साथ उत्तर कोरिया की किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है।
उत्तर कोरिया आमतौर पर कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के बीच के जलक्षेत्र में मिसाइलों का परीक्षण करता है, जिससे पड़ोसी देशों को कोई नुकसान नहीं होता। जापान की नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने संवाददाताओं को बताया कि जापान, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ निकट संपर्क बनाए हुए है, जिसमें वास्तविक समय पर मिसाइल चेतावनी डेटा साझा करना भी शामिल है। हालांकि, कोई भी मिसाइल जापान के जलक्षेत्र या विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र तक नहीं पहुंची।
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम में तेजी ला रहे हैं जिससे कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव हाल के महीनों में काफी बढ़ गया है। इसी साल उत्तर कोरिया ने अपनी नई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का भी परीक्षण किया था। इस दौरान किम खुद परीक्षण स्थल पर मौजूद थे।
ICBM एक प्रकार की बैलिस्टिक मिसाइल है, जो महाद्वीपीय दूरी तक अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम होती है। ICBM मिसाइलों का उपयोग मुख्य रूप से सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है और यह एक महत्वपूर्ण सामरिक हथियार मानी जाती है। यह मिसाइलें बहुत ही लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम होती हैं और इनमें आमतौर पर परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता होती है।

Comments are closed.