
Outwa news : औटवा। केंद्रीय अटॉर्नी जनरल का कहना है कि इंडीजीनियस सर्विसेज कैनेडा फस्र्ट नेशंस समुदायों में लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे की समस्याओं को दूर करने के अपने प्रयासों में असफल साबित हो रहा है। संगठन की जारी एक रिपोर्ट पर ऑडिटर जनरल करेन होगन ने कहा है कि 2019 से खर्च में 84 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद, इंडीजीनियस सर्विसेज कैनेडा फर्स्ट नेशंस समुदायों में स्वच्छ पेयजल और आपातकालीन सेवाओं तक पहुँच बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहा है।
उनका कहना है कि विभाग 2015 और 2022 के बीच उनके कार्यालय द्वारा की गई लगभग आधी सिफारिशों को लागू करने में विफल रहा है। होगन का कहना है कि ऑडिटर जनरल द्वारा फस्र्ट नेशंस की स्वच्छ पेयजल तक पहुँच के बारे में पहली बार चिंता जताए जाने के बीस साल बाद भी, 35 दीर्घकालिक पेयजल परामर्श जारी हैं और उनमें से नौ एक दशक या उससे अधिक समय से प्रभावी हैं।
भारत ने कभी अपने सबूत नहीं दिए : पूर्व एनएसआईए
ऑडिटर का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में विभाग को जारी की गई कई सिफारिशें सत्य और सुलह आयोग के कार्रवाई के आह्वान और लापता और हत्या की गई आदिवासी महिलाओं और लड़कियों के मामले में अंतिम रिपोर्ट के अनुरूप हैं। होगन का कहना है कि इंडीजीनियस सर्विसेज कैनेडा को अपने कार्यक्रमों को नए सिरे से तैयार करने और प्रथम राष्ट्रों के साथ मिलकर उनकी क्षमता बढ़ाने और सुलह को आगे बढ़ाने के लिए ‘निरंतर ध्यान’ देने की आवश्यकता है।

Comments are closed.