
टोरंटो। हाल के रिकॉर्ड दिखाते हैं कि ऑटोमेकर के कुछ उत्पाद संस्थाओं को अमेरिका में शिफ्ट करने के प्लान का खुलासा करने से पहले, केंद्र सरकार ने स्टेलंटिस को ओंटेरियो में अपने प्लांट्स को अपग्रेड करने में मदद के लिए 220 मिलीयन डॉलर से ज्यादा दिए थे। यह उस रकम से दोगुने से भी ज्यादा हैं जो केंद्र सरकार ने अक्टूबर में स्टेलंटिस पर अपने खर्च के बारे में पूदे जाने पर बताई थी, जब मल्टीनेशनल कंपनी ने घोषणा की थी कि वह अपने ब्रैम्पटन प्लांट को बंद कर देगी और इसकी जगह इसे बेल्विडियर, इलिनोइस में असेंबल करेंगी।
इनोवेशन, साइंस और इकोनॉमिक डेवलपमेंट के एक प्रवक्ता के अनुसार स्टेलंटिस को एफव्हाईई (फाइनेंशियल ईयर एंड) 2023 के लिए एग्रीमेंट के तहत 18,629,124 डॉलर और एफव्हाईई 2024 के लिए 85,936055 डॉलर मिले हैं, जिससे कुल 104,565,179 डॉलर का सपोर्ट मिला हैं। इनोवेशन, साइंस एंड इकोनॉमिक डेवलपमेंट कैनेडा (आईएसईडी) के एक स्पोक्सपर्सन ने उस समय ष्टक्चष्ट न्यूज़ को बताया था। लेकिन इन आंकड़ों में सबसे नया फाइनेंशियल ईयर शामिल नहीं था, जो मार्च के आखिर में खत्म हुआ था।
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पिछले महीने, फेडरल सरकार ने अपने सालाना पब्लिक अकाउंटिंग डॉक्यूमेंट्स जारी किए, जिससे पता चला कि उसने स्नष्ट्र कैनेडा – स्टेलंटिस की कैनेडियन ब्रांच को 2025 फाइनेंशियल ईयर के दौरान लगभग $118 मिलियन का पेमेंट किया, जिससे कुल रकम लगभग 222 मिलियन डॉलर हो गई।
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यह धन 2022 में हुई एक डील से आया है, जो स्टेलंटिस को ब्रैम्पटन और विंडसर, ओंटारियो में कंपनी के असेंबली प्लांट्स को अपडेट करने में मदद करने के लिए $529 मिलियन तक देता है, ताकि गैस और इलेक्ट्रिक-पावर्ड गाडिय़ों के प्रोडक्शन को सपोर्ट किया जा सके। स्टेलेंटिस ने विंडसर असेंबली प्लांट में 2026 डॉज चार्जर गैस से चलने वाले मॉडल लॉन्च किए। राज्य ने 513 मिलियन डॉलर तक देने का भी वादा किया था, लेकिन ओंटेरियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने कहा है कि उनकी सरकार ने स्टेलेंटिस को ब्रैम्पटन प्लांट के लिए कोई फंडिंग नहीं दी है क्योंकि यह जॉब क्रिएशन और प्रोजेक्ट माइलस्टोन से जुड़ी शर्तों को पूरा नहीं करता था।
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ग्लोबल ऑटोमेकर के ब्रैम्पटन के फैसले ने वहां के लगभग 3,000 कर्मचारियों के बीच नौकरी जाने का नया डर पैदा कर दिया है, जिनमें से ज़्यादातर को पहले ही नौकरी से निकाल दिया गया था, जबकि क्रू प्लांट को मॉडर्न बना रहे थे। अमेरिकी टैरिफ की गड़बड़ी और ई.वी. मार्केट में अनिश्चितता के कारण फरवरी में यह काम रुक गया था।

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