
टोरंटो। ग्रेटर टोरंटो एरिया में ईरानी-कैनेडियन समुदाय के सैकड़ों सदस्यों ने समर्थकों के साथ रविवार को स्वदेश में रह रहे प्रियजनों के समर्थन में रैली की। दिसंबर के आखिर में ईरान में लंबे समय से चले आ रहे दमनकारी इस्लामी शासन का विरोध करने वालों ने पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, ज्ञात हो कि इस समय ईरान एक गंभीर आर्थिक संकट का भी सामना कर रहा है।
ये विरोध प्रदर्शन, जो अब अपने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका हैं, तब और तेज हो गया जब ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने गुरुवार को इंटरनेट और टेलीकॉम ब्लैकआउट लागू करना शुरू कर दिया। ईरान से बहुत कम खबरें, ज्यादातर वीडियो फुटेज, स्टारलिंक सैटेलाइट के जरिए फैलाई जा रही हैं। अमेरिकी मानवाधिकार कार्यकर्ता के अनुसार, अब तक बढ़ती अशांति के कारण कम से कम 72 लोग मारे गए हैं और 2,300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
ग्रेटर टोरंटो एरिया में ईरानी-कैनेडियन समुदाय के सैकड़ों सदस्यों ने समर्थकों के साथ रविवार को अपने घर पर मौजूद प्रियजनों के समर्थन में रैली की। दिसंबर के आखिर में, ईरान में लंबे समय से चले आ रहे दमनकारी इस्लामी शासन का विरोध करने वालों ने पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, इस समय ईरान एक गंभीर आर्थिक संकट का भी सामना कर रहा है।
गौरतलब है कि रविवार सुबह नॉर्थ यॉर्क में रैलियां आयोजित की गईं, जिसमें दर्जनों लोग, जिनमें से कई परेशान और दु:खी हो रहे थे, अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों के लिए अपना समर्थन दिखाने और अपनी चिंता व्यक्त करने के लिए एकजुट दिखें।
टोरंटो के लिटिल ईरान इलाके में योंग स्ट्रीट और फिंच एवेन्यू के पास एक रैली में स्थानीय प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘इतिहास बताता है कि जब वे इंटरनेट काट देते हैं तो वे ईरान में दूसरे देशों से खबरें आने से रोकने के लिए निर्दोष लोगों को मारना शुरू कर देते हैं।’
योंग के साथ रैली कर रही एक महिला ने कहा, ‘हम सब यहां ईरान की आवाज बनने के लिए इक_ा हुए हैं क्योंकि शासन हमारे देश में लोगों को मार रहा है। हम यहां उनकी आवाज बनने के लिए हैं।’ मेल लास्टमैन स्क्वायर में मलिका नाम की एक ईरानी प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘हम सिर्फ ईरानी लोगों की आवाज उठा रहे हैं, जो आजादी और लोकतंत्र चाहते हैं’, जिनके परिवार के कई सदस्य तेहरान में रहते हैं।
पूरे जीटीए में भी रैलियों का आयोजन हुआ :
शनिवार को रिचमंड हिल में भी एक बड़ा प्रदर्शन हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में ईरानी आबादी रहती है। शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया, कैनेडा और यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने ईरानी लोगों के खिलाफ हालिया हिंसा की निंदा करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया।
कैनेडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ईरानी सरकार द्वारा हिंसा, मनमानी गिरफ्तारियों और डराने-धमकाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए, उनसे बिना किसी बदले की कार्रवाई के डर के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों को मारना जारी रखा तो वह अवश्य ही स्थिति में दखल देंगे।

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