औटवा ने जबरन वसूली पर नए प्रस्ताव को पेश किया
Ottawa introduces new proposal on extortion
– पील प्रांत और देश के अन्य भागों में बढ़ते एक्सटॉर्शन को रोकने के लिए अपनाएं जाएंगे नए उपाय
– केंद्रीय वित्तमंत्री ने पील प्रांत, अल्बर्टा और ब्रिटीश कोलम्बिया के दूसरे टारगेटेड इलाकों में चल रहे ऑर्गेनाइज्ड इलाकों में चल रहे ऑर्गेनाइज्ड क्राइम नेटवर्क को रोकने के लिए एक फॉलो-द-मनी फ्रेमवर्क को पेश किया

मिसिसॉगा। केंद्र सरकार ने पील प्रांत और पूरे देश में लोकल बिजनेस मालिकों और परिवारों को प्रभावित करने वाले एक्सटॉर्शन नेटवर्क को खत्म करने के लिए एक वित्तीय योजना पेश की हैं। वित्तमंत्री फ्रांस्वा-फिलीप शैम्पेन ने पत्रकारों को बताया कि उनके संदेश के साथ ‘अब बहुत हो गया’ के साथ गुरुवार को मिसिसॉगा के सिविक सेंटर में एक फॉलो-द-मनी प्रस्ताव से अवगत करवाया।
इस मौके पर मिसिसॉगा की मेयर कैरोलिन पैरिश, पील पुलिस के डिप्टी चीफ निक मिलिनोविच, नगरपालिका और केंद्रीय नेताओंने अपनी उपस्थिति दर्ज की। वित्तमंत्री ने कहा कि यह एक कॉम्प्रिहेंसिव प्लान हैं जिसका लक्ष्य उन संस्थाओं के इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करना है, जिन्होंने ओंटेरियो, ब्रिटिश कोलंबिया और अल्बर्टा में विभिन्न समुदायों को टारगेट किया हुआ हैं।
उन्होंने धमकी देने वाले आरोपियों को आगाह करते हुए कहा कि हम एक्सटॉर्शन से लडऩे के उपायों पर दोगुना जोर रहे हैं, इसलिए अब आपके छिपने के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि हम हमारे साथ केंद्रीय योजना का सेंटर फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन एंड रिपोर्ट एनालिसिस सेंटर ऑफ कैनेडा (फिनट्रेक) भी पुलिस जांच में मदद करने के लिए तैयार हैं।
शैंपेन ने कहा कि देश के वित्तीय समुदायों को जबरन वसूली से निपटने के लिए एक साथ लाया जा रहा हैं और फाइनेंशियल ट्रैकिंग को मुख्य रोकथाम के तौर पर अपनाने पर जोर दिया जा रहा हैं।
वर्तमान योजना निम्न पाँच बातों पर बनाई गई है :
एक्सटॉर्शन से निपटने के लिए फाइनेंशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना : इससे फिनट्रेक पुलिस को समय पर और जरुरी विभिन्न डाटा दे पाएगा ताकि क्रिमिनल नेटवर्क की पहचान की जा सके और इन्वेस्टिगेशन में मदद मिल सके।
एक्सटॉर्शन के खिलाफ पार्टनरशिप : यह सरकार, पुलिस और वित्तीय संस्थानों, जिसमें बैंक और क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म शामिल हैं, इनके बीच एक फॉर्मल कोलेबोरेशन है ताकि जानकारी शेयर करना बेहतर हो सके।
एम्बेडेड लायजन ऑफिस : फिनट्रेक एक्सपर्ट्स को ओंटेरियो, ब्रिटिश कोलंबिया और अल्बर्टा जैसे ज्यादा असर वाले इलाकों में लोकल पुलिस के साथ सीधे काम करने के लिए तैनात किया जाएगा, जिनकी खास मौजूदगी पील रीजन में होगी – ताकि फाइनेंशियल एक्सपर्टीज दी जा सके जो एनफोर्समेंट, इन्वेस्टिगेशन और प्रॉसिक्यूशन में मदद करेगी।
टारगेटेड इंडिकेटर प्रोफाइल (टिप्स) : फिनट्रेक वित्तीय संस्थानों को एक्सटॉर्शन से जुड़े आम तौर पर पैटर्न और बिहेवियर को पहचानने के लिए गाइडेंस देगा ताकि वे जल्दी से संदिग्ध लेन-देन की पहचान कर सकें और उनकी रिपोर्ट कर सकें।
स्ट्रेटेजिक इंटेलिजेंस पब्लिश करना : फिनट्रेक स्ट्रेटेजिक इंटेलिजेंस पब्लिश करेगा जिसमें बताया जाएगा कि क्रिमिनल एक्सटॉर्शन की कार्रवाई को कैसे लॉन्डर करते हैं।
मिलिनोविच ने बताया कि हालाँकि यह मुद्दा पील से आगे तक फैला हुआ है, लेकिन यह इलाका इस लड़ाई में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि पिछले साल पील में एक्सटॉर्शन की 476 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 190 मामले खास तौर पर बिज़नेस को टारगेट करने वाले थे। सबसे चिंता की बात यह है कि इनमें से 29 घटनाएं हिंसा में बदल गईं, जिसमें शूटिंग और आगजनी शामिल है।
कार्टेल के कुख्यात लीडर एल मेंचो स्पेशल फोर्स द्वारा मारा गया
मिलिनोविच ने कहा,’जवाब में, पील रीजनल पुलिस ने पूरी तरह से कार्रवाई शुरू कर दी है,’उन्होंने बताया कि इस स्ट्रैटेजी में ‘एक स्पेशल टास्क फोर्स शामिल है जो 40 से ज्यादा फुल-टाइम इन्वेस्टिगेटर तक बढ़ गई है जो चौबीसों घंटे काम करते हैं। ‘ मिलिनोविच ने आगे कहा, ‘सिर्फ पुलिसिंग ही पूरा जवाब नहीं है।’ ‘एक्सटॉर्शन रैंडम नहीं है। यह उगाही के बारे में है। ऐसे लोगों का पीछा करें और आपको ऐसे जिम्मेदार लोग और मिल जाएंगे।
इंटरनेशनल ट्रेड मिनिस्टर और ब्रैम्पटन ईस्ट के सांसद मनिंदर सिद्धू ने साउथ एशियन कम्युनिटी पर पडऩे वाले असर पर रोशनी डाली, और बताया कि ये धमकियां ब्रैम्पटन में परिवारों के लिए ‘असली डर’ पैदा करती हैं। सिद्धू ने कहा,’किसी को भी अपने पड़ोस या काम की जगह पर असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए। ‘
