खुल गया 2019 का रास्ता

-रमेश ठाकुर- पाकिस्तान ने अखिलेश यादव का समर्थन कर उत्तर प्रदेश की आवाम से उनके पक्ष में वोट देने का आहवान करना भी उनकी हार का मुख्य कारण हो सकता है। सपा-कांग्रेस की यह हार उसी की संयुक्त प्रतिक्रिया है। भाजपा का जीतना पाक की नापाक चाल को…
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चुनावी चक्कलस पर भारी मिडियाई बतरस

चुनाव आयोग की कृपा से पांच राज्यो के चुनाव निर्धारित समय सीमा और निर्धारित व्यय सीमा में समाप्त हो चुके है और इसी के साथ लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व के एक और सीजन का समापन हुआ। ये पर्व, बड़ा कर्व लिए हुए होता है। लोकतंत्र का ये सीजन, आमजन के…
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मतदाता सांप की बीन की तरह वायदों पर कब तक झूमते रहेंगे

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में असली परीक्षा राजनीतिक दलों की नहीं बल्कि मतदाताओं की है। विधानसभा चुनाव में तकरीबन 16 करोड़ मतदाताओं को राजनीतिक दलों की पंचवर्षीय योजना के मूल्यांकन की परीक्षा देनी है। उन्हें साबित करना है कि राजनीतिक…
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भारतीय वैज्ञानिक कर रहे प्लाज्मा की निवारक शक्ति का उपयोग

गांधीनगर में साबरमती के तट पर अमूल डेयरी और एक अस्पताल के बीचोंबीच एक ऐसा संस्थान स्थित है, जो ठोस, द्रव या गैस नहीं बल्कि पदार्थ की चौथी अवस्था यानी प्लाज्मा से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम देता है। इंस्टीट्यूट ऑफ प्लाज्मा रिसर्च के वैज्ञानिक…
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कनाडा देश से जुडी अद्भुत रहस्यमयी जानकारियां

समुद्र से समुद्र तक फैला 99.8 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला कनाडा देश भारत में बसे पंजाब क्षेत्र के युवाओं को पिछले कुछ वर्षों से काफी आकर्षित कर रहा है। समुद्र से समुद्र तक फैला कनाडा का राष्ट्रीय वाक्य है और यह अटलांटिक से प्रशान्त…
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निराश कामकाजी वर्ग की आशा बन गये डोनाल्ड ट्रम्प

अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में जब अरबपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रिपब्लिकन पार्टी के दर्जनों दिग्गज उम्मीदवारों के साथ प्राइमरी के लिए अपना नाम दिया तो उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया लेकिन उनके आक्रामक आव्रजन-विरोध एवं मुस्लिम विरोध से…
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शहरी कांक्रीट  में भटकते जंगली जानवर

ऐसा लगता है कि अपनी रिहाईश को लेकर इंसान और जंगली जानवरों के बीच जंग सी छिड़ी हुई है. जंगल नष्ट हो रहे हैं और वहां रहने वाले शेर चीते और तेंदुए जैसे शानदार जानवर कंक्रीट के आधुनिक जंगलों में बौखलाए हुए भटक रहे हैं. उनके लिए…
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महज कानून के जोर से राष्ट्रवाद लाना संभव नहीं

देश को आजादी मिले हुए 69 साल हो गए। यह आजादी भौगोलिक दृष्टि से ही मिली लगती है। देश की मौजूदा हालत के मद्देनजर यही लगता है कि असली आजादी के लिए लगातार संघर्ष जारी है। सुप्रीम कोर्ट का राष्ट्रगान को सिनेमाघरों में अनिवार्य किए जाने का…
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नोटबंदी की बलिवेदी और कितने लोगों की भेंट लेगी?

देश में काले धन के लिए चलाए जा रहे नोटबंदी अभियान की बलिवेदी में सौ लोगों की भेंट चढ़ गई। मौजूदा हालात में जिस तरह बैंकों में कतारें नजर आ रही हैं, उससे जाहिर है कि आगामी महीनों में भी हालात बेहतर होने वाले नहीं हैं। मृतकों में उनकी…
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..बस एक औलाद की खातिर

जमाना बदला और लोगों के विचार भी। तभी तो अब संतान न होने पर महिलाओं की अपेक्षा पुरुष भावनात्मक रूप से अधिक प्रभावित होते हैं। वे सामाजिक और यहां तक कि व्यक्तिगत रूप से भी खुद को अकेला महसूस करते हैं। क्या यह सच है.. डिज्नीलैंड में बच्चों का…
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