तप और दान का महत्व
भगवद गीता तप और दान को भी सत्व, राजस और तामस इन तीन गुणों के अनुरूप, तीन प्रकार में श्रेणीबद्ध करती है। गुरु, देवता, बड़ों और साधु-संतों के प्रति भक्तिभाव, स्वच्छता, स्पष्टवादिता, ब्रह्मचर्य और अहिंसाय ये सारे शरीर के तप के तरीके होते हैं।…
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