कैनेडियन सैलानियों ने भारत जाना रद्द किया

टोरंटो- उत्तराखंड की त्रासदी से चंडीगढ़ व पंजाब में भी पर्यटन कारोबार बेजान हो गया है। यहां के टूर ऑपरेटरों के उत्तराखंड के लिए एडवांस बुकिंग रद्द हो रही है। ग्राहकों को रिफंड देने में टूर एवं ट्रैवल कंपनियों के पसीने छूट रहे हैं। वहीं, टैक्सी ऑपरेटर पीक सीजन में भी खाली बैठे हैं। उत्तराखंड त्रासदी से सहमे लोग हिमाचल ही नहीं बल्कि जम्मू कश्मीर के सैर-सपाटे की भी बुकिंग रद्द करा रहे हैं।
उत्तरी रायों के गेटवे ट्राई सिटी (चंडीगढ़, पंचकूला व मोहाली) की होटल इंडस्ट्री पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। टूरिम इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की मानें तो अकेले चंडीगढ़ क्षेत्र में ही इस आपदा से तकरीबन 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। ट्राई सिटी से गर्मियों के सीजन में टूर ऑपरेटरों द्वारा पैकेज टूर से ही मोटी कमाई की जाती थी।
सिद्धू टूर एंड ट्रेवल के सुखविंदर सिंह सिद्धू के अनुसार उनके पास 20 गाडिय़ां है, लेकिन सीजन होने के बावजूद वह खाली बैठे है। जबकि इस समय उनके पास एक भी गाड़ी खाली नहीं होती थी। सिद्धू के अनुसार उत्तराखंड ही नहीं, हिमाचल और कश्मीर तक के लिए भी कोई टूरिस्ट नहीं आ रहा है। इस सीजन में ही वह बुकिंग से 5 से 7 लाख रुपये की कमाई करते थे।
चंडीगढ़ प्रशासन के होटल माउंट व्यू के जनरल मैनेजर विजय शर्मा इसे टूरिम इंडस्ट्री के लिए झटका मानते हैं। उत्तराखंड और हिमाचल की घटनाओं ने होटलों की बुकिंग में 20 से 25 प्रतिशत तक असर डाला है। शर्मा के अनुसार पर्यटक डरे हुए हैं।
दक्षिणी भारत, महाराष्ट्र व गुजरात से आने वाले कई पर्यटक उत्तराखंड और हिमाचल के साथ चंडीगढ़ भी आते हैं। सीआईआई चंडीगढ़ काउंसिल के चेयरमैन एवं होटल कारोबारी मनमोहन सिंह उत्तराखंड त्रासदी को पर्यटन उद्योग के लिए एक बड़ा झटका मानते हैं। मनमोहन सिंह के अनुसार इससे उबरने में वक्त लगेगा।
लोगों के दिलो-दिमाग में डर बैठ गया है। लोगों ने अपने टूर पैकेज रद्द कर दिए हैं। चंडीगढ़ की ट्रेवल एजेंसी ग्रेंड ट्रेवल प्लानर लिमिटेड के डायरेक्टर कंवलजीत सिंह चीमा इसे इंडस्ट्री के लिए संकट मानते है। चीमा के अनुसार इस साल की ही नहीं, उनके पास वर्ष 2014 में चारधाम यात्रा और हेमकुंड यात्रा की भी बुकिंग थी।
पर्यटकों ने उसकी भी बुकिंग रद्द करवाई है। उनके पास अमेरिका और कैनेडा के कई सिख संगठनों ने हेमकुंड के पैकेज बुक कराए हुए थे। चीमा के अनुसार ट्राई सिटी में ही इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान हुआ है।
टूरिम इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार उत्तराखंड और हिमाचल के इलाकों में हुई बर्बादी के बाद पर्यटक अब अपने शहर के आस-पास के डेस्टिनेशन में ही जाना पसंद कर रहे हैं। इधर, लुधियाना स्थित पाल टूर एंड ट्रेवल्स के संचालक जयदीप सिंह के मुताबिक लुधियाना में तकरीबन 300 टैक्सी इन दिनों स्टैंड पर खड़ी हैं। तकरीबन 50 टैक्सी बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब में फंसी हैं।
इन दिनों शहर में टैक्सी मिलती नहीं थी और अब हालत यह है कि टैक्सी ड्राइवरों को परिवार चलाना भी मुश्किल हो रहा है। वर्मा टूर एंड ट्रेवल्स के संचालक अशोक वर्मा के मुताबिक उत्तराखंड में आई बाढ़ के बाद से बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए तो यात्री मिल ही नहीं रहे हैं, बल्कि बाढ़ के डर से अब लोगों ने हिमाचल के शिमला और मनाली जाने से भी तौबा कर ली है।

 

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