केट और प्रिंस विलियम ने अपने बेटे का नाम जॉर्ज अलेक्जेंडर रखा

royal-baby-2लंदन- ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय बुधवार को अपने नवजात प्रपौत्र को देखने पहुंचीं और उसके साथ आधा घंटा गुजारा। केट मिडलटन और प्रिंस विलियम ने अपने बेटे का नाम जार्ज अलेक्जेंडर लुई रखा है। दादा प्रिंस चार्ल्स और पिता प्रिंस विलियम के बाद ब्रिटिश ताज के उत्तराधिकारियों की सूची में तीसरे नंबर मौजूद केट मिडलटन और विलियम का बेटा प्रिंस जार्ज ऑफ कैंब्रिज के नाम से जाना जाएगा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने महारानी एलिजाबेथ को उनके प्रपौत्र के जन्म पर बधाई दी है।
महारानी एलिजाबेथ बकिंघम पैलेस से अकेले ही बचे को देखने केंसिंग्टन पैलेस गई थीं। उनके पति ड्यूक ऑफ एडिनबरा उनके साथ नहीं थे। पेट के ऑपरेशन के बाद वह स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। मंगलवार को बकिंघम पैलेस में आयोजित भोज में 87 वर्षीय महारानी ने कहा कि वह अपने प्रपौत्र के जन्म से बहुत खुश हैं। महारानी शुक्रवार को अपने पारंपरिक ग्रीष्म अवकाश के लिए स्कॉटलैंड के बालमोरल रवाना होने वाली हैं।
महारानी की यात्रा के तुरंत बाद ड्यूक और डचेज ऑफ केंब्रिज (प्रिंस और केट) अपने नवजात शिशु के साथ केट के माता-पिता के घर रवाना हो गए। महारानी से पहले मंगलवार दोपहर प्रिंस ऑफ वाल्स और डचेज ऑफ कॉर्नवाल के अलावा केट के माता-पिता कैरोल व मिशेल मिडलटन अस्पताल पहुंचे थे।
महारानी के बाद प्रिंस हैरी अपने भतीजे को देखने केनसिंग्टन पैलेस पहुंचे। मंगलवार को प्रिंस चार्ल्स अपनी पत्नी कैमिला पार्कर वॉल्स के साथ अपने पहले पौत्र को देखने पहुंचे थे। अस्पताल से निकलते वक्त प्रिंस चार्ल्स ने मीडिया से कहा था कि रॉयल बेबी बहुत अछा है और आप उसे कुछ ही देर में देखेंगे।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय मूल के 24 वर्षीय फोटोग्राफर जेसल पुरुषोत्तम ने सबसे पहले यह खबर दी थी कि केट को प्रसव पीड़ा के चलते सेंट मैरी अस्पताल के लिंडो विंग में भर्ती कराया गया है। नए प्रिंस के जन्म के बाद ब्रिटेन के अखबारों की वेबसाइट देखने वालों की संख्या में जबरदस्त उछाल आया है।
इस खुशी के मौके पर भारत की जनता, सरकार और अपनी तरफ से ड्यूक व डचेस ऑफ केंब्रिज को बधाई देता हूं। हम शाही दंपति और नए प्रिंस की खुशी व अछे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

पूरे ब्रिटेन में जश्न
इससे पहले प्रिंस विलियम और केट मिडलटन बचे समेत मंगलवार को पहली बार सामने आए थे। भारतीय समयानुसार पौने बारह बजे रात में दोनों सेंट मैरी अस्पताल से बाहर निकले। सामने सैकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद थी। विलियम ने लोगों से कहा कि बचे की शक्ल मां पर गई है। वहीं केट ने कहा कि इस अनुभव को बयां नहीं किया जा सकता।
2013 नवजातों को मिलेंगे चांदी के सिक्के
ब्रिटेन की शाही टकसाल 2,013 नवजात बचों को चांदी के ‘लकीÓ सिक्के देगी। ये बचे ठीक उसी दिन जन्मे हैं जिस दिन प्रिंस कैंब्रिज जार्ज एलेक्जेंडर लुइस का जन्म हुआ। शाही टकसाल के यादगार सिक्का विभाग के निदेशक शेन बिसेट ने कहा कि नवजात बचों के पेरेंट्स को एक विशेष फेसबुक पेज के जरिए 60 दिन में आवेदन करना होगा।
बचे को जन्म दिलाने वाले डॉक्टरों में भारतीय भी
ब्रिटिश राजगद्दी के नए वारिस को जन्म दिलाने वाली डॉक्टरों की टीम में भारतीय सुनीत गोडाम्बी शामिल थे। वे मुंबई में पले-बढ़े हैं। फिलहाल सेंट मेरी अस्पताल में कंसल्टेंट नियोनेटोलॉजिस्ट हैं।
119 साल में पहला मौका
ब्रिटेन में 1894 के बाद पहला मौका है जब राजगद्दी के तीसरी पीढ़ी तक के पुरुष वारिस जीवित हैं। द सन के अनुसार, अगर प्रिंस विलियम राजा बनते हैं और अपनी दादी की उम्र (87 साल) तक गद्दी पर रहते हैं तो नवजात 22वीं सदी में राजा बन पाएगा।

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