Deep Fake Video : सोशल मीडिया कंपनियों को परामर्श जारी

रश्मिका मंदाना का डीप फेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

Deep Fake Video: Advisory issued to social media companies

Rashmika Mandanna's deepfake video
Rashmika Mandanna’s deepfake video (Image Source Credit : Social Media)

Deep Fake Video : ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और फेसबुक समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों से केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर छेड़छाड़ की गयी तस्वीरों को हटाने के लिये कहा है। एक आधिकारिक सूत्र ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का काट-छांट किया गया (डीप फेक) वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहा है।

नेटिज़न्स का दावा है कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई है और वास्तविक वीडियो ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय मूल की महिला का है । एक सूत्र ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, ‘‘आईटी नियमों के उपबंध और सोशल मीडिया कंपनियों के दायित्वों का हवाला देते हुए सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म को एक परामर्श जारी किया गया है।’’

परामर्श के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को उस सामग्री को हटाने या अक्षम करने के लिए सभी उपाय करने चाहिए जो इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रतिरूपण की प्रकृति में है। इसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया मध्यस्थों को नियमों और विनियमों, गोपनीयता नीति या उपयोगकर्ता समझौते को सुनिश्चित करने सहित उचित परिश्रम का पालन करना चाहिए और उपयोगकर्ताओं को किसी अन्य व्यक्ति का प्रतिरूपण करने वाली किसी भी सामग्री को पोस्ट न करने के लिए सूचित करना चाहिए।

सोशल मीडिया कंपनियों के नियम के मुताबिक काम करने में विफल

सूत्र ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों के नियम के मुताबिक काम करने में विफल रहने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय कार्रवाई करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अभिनेत्री के डीप फेक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा था कि सोशल मीडिया कंपनियां किसी भी गलत सूचना को हटाने के लिए बाध्य हैं।

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नियम सात लागू होगा (Deep Fake Video)

मंत्री ने कहा था कि यदि प्लेटफॉर्म अप्रैल 2023 में अधिसूचित आईटी नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो नियम सात लागू होगा और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत पीड़ित अदालत में जा सकता है । उन्होंने कहा था, ‘‘डीप फेक, गलत सूचना का नवीनतम और उससे भी अधिक खतरनाक एवं हानिकारक स्वरूप है तथा सोशल मीडिया को इससे निपटने की जरूरत है।’’

News Source Credit : amritvichar.com

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