
टोरंटो। टोरंटो मेयर पद की दौड़ में स्कारबोरो एक अहम चुनावी मैदान के तौर पर उभर रहा है। जैसे-जैसे चुनाव का दिन नजदीक आ रहा है, ओलिविया चाउ और ब्रैड ब्रैडफोर्ड ने अपनी चुनावी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। हाल के हफ्तों में उनके चुनावी कामकाज के विश्लेषण के अनुसार सितंबर की शुरुआत से ब्रैडफोर्ड ने स्कारबोरो में छह बार चुनावी कार्यक्रम किए हैं या घोषणाएं की हैं, जबकि चाउ ने भी इतनी ही बार वहां कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है। स्कारबोरो से जुड़े जिन मुद्दों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है, उनमें ट्रांसपोर्ट, हाउसिंग, युवाओं की सुरक्षा और सड़कों पर लगने वाला जाम मुख्य रूप से शामिल हैं।
ट्रांजिट किराए को फ्रीज करने का ओलिविया चाउ का वादा
मेयर के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने शहर में ट्रांजिट किराए को फ्रीज करने की नीति को भी बढ़ावा दिया है। अगर वह दोबारा चुनी जाती हैं, तो उन्होंने वादा किया है कि 2027 में चौथे साल के लिए भी TTC का किराया नहीं बढ़ाया जाएगा।
ब्रैड ब्रैडफोर्ड की रेड बस लेन हटाने की योजना
वहीं दूसरी ओर, ब्रैडफोर्ड ने स्कारबोरो की कई सड़कों से ‘बेकार’ हो चुकी रेड बस लेन को हटाने का वादा किया है, ताकि उस जगह का इस्तेमाल आम ट्रैफिक के लिए किया जा सके या उनकी जगह HOV लेन बनाई जा सकें। यह प्रस्ताव TTC बोर्ड में उनके 2020 के काम से अलग रुख दिखाता है, जब उन्होंने स्कारबोरो सहित कई जगहों पर रैपिड टू प्रायोरिटी बस लेन को ‘तेजी से लागू करने’ का प्रस्ताव रखा था। ब्रैडफोर्ड ने चुनाव जीतने पर एग्लिंगटन ईस्ट LRT को अपनी पहली ट्रांजिट प्राथमिकता बनाने का भी प्रचार किया है।
रैपिड ट्रांजिट में देरी से स्कारबोरो के निवासी निराश
यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के प्रोफेसर और मोबिलिटी नेटवर्क के डायरेक्टर स्टीफन फार्बर ने कहा कि दशकों से रैपिड-ट्रांजिट में कम निवेश और बड़े प्रोजेक्ट्स में देरी की वजह से स्कारबोरो के निवासी ‘निराश’ हैं।
वह बताते हैं कि सड़क की जगह को लेकर चल रही बहस ने उन निवासियों के बीच भी बंटवारा पैदा कर दिया है जो तेज ट्रांजिट चाहते हैं और वे जो ट्रैफिक जाम से राहत चाहते हैं। फार्बर ने कहा, ‘इसे राजनेताओं द्वारा एक जीरो-सम गेम के तौर पर पेश और इस्तेमाल किया जा रहा है।’ ‘या तो कारों की स्थिति खराब करके ट्रांजिट को बेहतर बनाया जाए या फिर इसका उल्टा हो।’
बस लेन और रैपिड ट्रांजिट के विस्तार पर विशेषज्ञों की राय
ब्रैडफोर्ड के रुख के उलट, उनका तर्क है कि सिटी को बस-प्रायोरिटी लेन को बनाए रखना चाहिए और उनका विस्तार करना चाहिए, साथ ही बड़े रैपिड-ट्रांजिट इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण भी जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘ट्रैफिक तो हमेशा रहेगा ही।’ ‘असली सवाल यह है: क्या लोगों के पास परिवहन के दूसरे साधनों का इस्तेमाल करने के विकल्प होंगे?’
ट्रांजिट तक पहुंच युवाओं और नए निवासियों के लिए भी अहम
फार्बर ने कहा कि ट्रांजिट तक पहुंच एक बराबरी का मुद्दा भी है, खासकर युवाओं, नए लोगों और उन निवासियों के लिए जो गाड़ी चलाने का खर्च नहीं उठा सकते। उदाहरण के लिए, वह बताते हैं कि यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो स्कारबोरो में उनके छात्रों को ट्रांजिट से आने-जाने में औसतन लगभग एक घंटा लगता है।
स्कारबोरो में स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों की कमी चिंता का विषय
यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो स्कारबोरो के हेल्थ एंड सोसाइटी डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर नोटिशा मसाक्वोई के अनुसार, हेल्थ केयर भी एक चिंता का विषय है; वह हेल्थ इक्विटी और नस्लीय स्वास्थ्य असमानताओं पर रिसर्च करती हैं।
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मसाक्वोई ने बताया कि स्कारबोरो में अपनी आबादी के हिसाब से पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं और डॉक्टर नहीं हैं, जिसकी वजह से कुछ निवासियों को खास इलाज के लिए डाउनटाउन जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसके नतीजे खास तौर पर अश्वेत और अन्य नस्लीय समुदायों के लिए चिंताजनक हैं, क्योंकि उन्हें स्वास्थ्य के नतीजों में असमानता का सामना करना पड़ता है।