संरा की सदस्यता ही प्राथमिकता नहीं : शीयर
औटवा। एंड्रू शीयर ने अपने एक संदेश में स्पष्ट किया कि आज भी दुनिया मानती हैं कि केवल कंसरवेटिव ही कैनेडा को पुन: अपनी ख्याति प्राप्त करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि कैनेडा का वास्तविक धन ऐसे स्थानों पर निवेश किया जाएं जिसका लाभ देश के साथ साथ ऐसे स्थानों को मिले जिसकी उसको सबसे अधिक आवश्यकता हो। विश्व कैनेडा को उसकी विदेश सहायता के लिए पहचानता हैं। परंतु पिछले चार वर्षों से लिबरलस ने कैनेडा की विदेश कटौती योजनाओं के कारण देश की साख धूमिल कर दी, जिसमें संरा के संबंधित देशों को वित्तीय सहायता दी जाती थी, परंतु अब वह बंद कर दी गई हैं। शीयर ने आगे कहा कि पिछली सरकार द्वारा संरा को दी जाने वाली आर्थिक सहायता के लिए आज भी हार्पर स्टीफन को याद किया जाता हैं। कंसरवेटिव को उनकी श्रेष्ठ विदेश नीतियों के लिए हमेशा स्मरण किया जाता हैं। ज्ञात हो कि पिछले चार वर्षों में प्रधानमंत्री जस्टीन ट्रुडो की विदेश यात्राएं और उनकी विदेश नीतियां अधिकतर असफल रही, जिसके कारण दुनिया में उनकी ख्याति के साथ साथ देश का नाम भी धूमिल हो गया है। जस्टीन ट्रुडो की भारत यात्रा में उठे विवादों को आज भी याद करके उन्होंने कहा कि मजबूत विदेश नीति की इस समय देश को बहुत अधिक आवश्यकता है और यह तभी हो सकता हैं जब सत्ता परिवर्तन हो। शीयर ने बताया कि इस समय देश को ऐसे प्रधानमंत्री की आवश्यकता है जो देश को संभालने के साथ साथ विदेशी मित्रों के साथ भी अपने अच्छे संबंध बनाएं रखे। शीयर ने अपने संबोधन में बताया कि यदि उनकी सरकार आती है तो वह विदेश नीतियों के लिए 25 प्रतिशत का अतिरिक्त प्रभार प्रावधान करवाया गया। वहीं दूसरी ओर ट्रुडो ने अपने अगले प्रचार अभियान में गन-वायलेंस को ही प्रमुख मुद्दा रखा और उनके अनुसार यदि जनता उन्हें दोबारा मौका देती हैं तो वह अवश्य ही गन-वायलेंस को नियंत्रण करने के लिए कठोर कदम उठाएंगे, जिससे देश में शांति बनाने में सहायता मिल सकेगी और दुनिया में भी कैनेडा की खराब होती छवि को बचाया जा सकता हैं। शीयर ने यह भी बताया कि कंसरवेटिव जल्द ही जलवायु परिवर्तन के लिए नई योजना लाएगी जिसका प्रभाव लोगों पर अच्छा पड़ेगा और इससे भविष्य में होने वाली परेशानियों से इन्हें बचाया जा सकेगा। शीयर ने यह भी बताया कि कंसरवेटिवस अपनी विदेश नीतियों में सुधार केवल संरा की सदस्यता प्राप्त करने के लिए नहीं करेगा अपितु कैनेडा के मूल्यों को बचाने के लिए विदेश नीतियों में बदलाव का पक्षधर हैं, जिससे दुनिया में पिछले वर्षों में रही कैनेडा की साख पुन: अर्जित की जा सके।
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