जायकों का स्वाद चखता देश

आर.के.सिन्हा आप छोटे से बड़े किसी भी शहर या किसी भी महानगर का चक्कर लगा लीजिए। आपको एक बात सभी जगहों में एक जैसी ही मिलेगी। वह है भांति-भांति के व्यंजनों की विशेषताओं वाली रेस्तरांओं का खुलते जाना। इसी तरह से फूड फेस्टिवलों की भी सुनामी सी…
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भारत का दिल जीत सकते हैं इमरान खान, पर पहल उन्हें ही करनी होगी

कई दशकों बाद पाकिस्तान में एक ऐसी सरकार आई है, जो न तो पीपल्स पार्टी की है और न ही मुस्लिम लीग की है। न यह भुट्टो-परिवार की है और न ही नवाज़ शरीफ की है। यह सरकार न ही किसी जनरल अयूब या जनरल जिया-उल हक या जनरल मुशर्रफ की है। यह सरकार…
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अपने लिए तो सब जीते हैं, पर अटल जी देश के लिए जिये

 प्रभात झा | ऐ मातृभूमि के मातृभक्त, पाकर तुमको हम धन्य हुये। ले पुन: जन्म तू एक बार, सत नमन तुझे है बार बार।। वर्तमान भारतीय राजनीति में सत्ता या विपक्ष में रहते हुये जन श्रद्धा का केन्द्र बने रहना उतना ही दुष्कर है जितना कि आज भी चांद…
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राहुल गांधी ने योजना के तहत पीएम उम्मीदवार का मुद्दा ठंडे बस्ते में डाला

बिन दूल्हे की बारात' की तरह आम चुनाव के लिये यूपी में भाजपा के खिलाफ गठबंधन की कवायद गुजरते समय के साथ तेज होती जा रही है। गठबंधन के लिये न तो कोई नीति बनी है, न ही इस बात का खुलासा हुआ है कि गठबंधन की तरफ से प्रधानमंत्री पद का दावेदार कौन…
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इमरान खान पाक के कप्तान पर सेना के हाथ में होगी सत्ता की कमान

पाकिस्तान में हुए आम चुनावों के बाद वोटों की गिनती में यह साफ हो गया है कि तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान पाकिस्तान के नए कप्तान होंगे। ऐसा कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की सत्ता की चाभी एक बार फिर सेना के पास आ गई है। नवाज…
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कांग्रेस के तो जबरन गले पड़े ही हैं, मोदी के भी जबरन गले पड़ने लगे

1975 से 1977 तक का समय भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काले अध्याय के रूप में याद किया जाता है। चूंकि उस दौरान प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके अति महान पुत्र संजय गांधी ने पूरे देश को एक जेल में बदल दिया था। क्या मजाल कोई इन दोनों के खिलाफ…
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कड़ी मेहनत से कांग्रेस को आगे बढ़ा रहे राहुल

राहुल गांधी देश और राज्यों में सबसे लम्बे अरसे तक हुकूमत करने वाली कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। वे एक ऐसे ख़ानदान के वारिस हैं, जिसने देश के लिए अपनी जानें क़ुर्बान की हैं। राहुल गांधी के लाखों-करोड़ों चाहने वाले हैं। देश-दुनिया में उनके प्रशंसकों…
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मोदी ने काम तो काफी किया पर अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है

नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने पर इसका गहन आकलन होना स्वाभाविक है कि उम्मीदें कहां तक पूरी हुईं और अच्छे दिन के वादे का क्या हुआ? मोदी सरकार जिस प्रबल बहुमत के साथ सत्ता में आई थी उसके चलते उससे उम्मीदें भी बहुत बढ़ गई…
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नक्सलवाद को हराने में आखिरकार सफल होती दिख रही है मोदी सरकार

24 अप्रैल 2017 को जब "नक्सली हमले में देश के 25 जवानों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे" यह वाक्य देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था, तो देशवासियों के जहन में सेना द्वारा 2016 में की गई सर्जिकल स्ट्राइक की यादें ताजा हो गई थीं।…
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अम्बेडकर के सपनों को इस तरह पूरा कर रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी

यह मानना होगा कि देश में ऐसे कई कार्य थे, जिन्हें कई दशक पहले हो जाना चाहिए था। लेकिन उन्हें नरेंद्र मोदी की सरकार ने पूरा किया। नई दिल्ली में डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक का निर्माण भी ऐसे ही कार्यों में शामिल था। इसकी कल्पना को दो दशक से…
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राहुल गांधी की जिम्मेदारी बढ़ रही है, उन्हें और गंभीर होना पड़ेगा

राहुल गांधी दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की सबसे पुरानी पार्टी के सबसे बड़े पद पर हैं। एक राजनीतिक दल के अध्यक्ष के तौर पर किए जाने वाले आचरण को उन्हें समझ लेना चाहिए। उनके नेतृत्व में, गुजरात चुनाव के बाद पार्टी अपने पराभव को पार…
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भारतीय समाज के सभी पक्षों की चिंता करते थे पं. दीनदयाल उपाध्याय

राजनीति में विचारों के लिए सिकुड़ती जगह के बीच पं. दीनदयाल उपाध्याय का नाम एक ज्योतिपुंज की तरह सामने आता है। अब जबकि उनकी विचारों की सरकार पूर्ण बहुमत से दिल्ली की सत्ता में स्थान पा चुकी है, तब यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर दीनदयाल…
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विधेयकों के लटकने से राज्यसभा की प्रासंगिकता पर उठे सवाल

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर विवाद होना और सवाल उठना स्वाभाविक है। इस मसले ने एक बार फिर राज्यसभा की उपयोगिता एवं प्रासंगिकता पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं। भारत में लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत जिस तरह की शर्मनाक घटनाएं घट रही…
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आजीवन क्यों कुंवारे रहे अटल बिहारी वाजपेयी ?

भारत के राजनीतिक इतिहास में अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण व्यक्तित्व शिखर पुरुष के रूप में दर्ज है। उनकी पहचान एक कुशल राजनीतिज्ञ, प्रशासक, भाषाविद, कवि, पत्रकार व लेखक के रूप में है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की विचारधारा में पले-बढ़े अटल…
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सोनिया गाँधी का युग समाप्त, कांग्रेस में अब राहुल का ‘राज’

आज से कांग्रेस पार्टी में सोनिया युग की औपचारिक समाप्ति हो गयी। अब राहुल राज शुरू हो गया। इसी के साथ राहुल की चिंताओं से भी पार्टी और देश दोनों रूबरू हुए। अपने अब तक के राजनीतिक अनुभव और दृष्टि को राहुल ने सलीके से सभी के सामने तो रखा ही…
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