देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री कार्नी ने माना,”देश मुश्किल समय से गुजर रहा हैं”

In his address to the nation, Prime Minister Karni acknowledged, "The country is going through a difficult time."

– जवाबी टैरिफ लागू होने के बीच, कार्नी ने कैनेडियनस से संयम बरतने और सरकार की योजनाओं पर भरोसा रखने का संकल्प लिया

In his address to the nation, Prime Minister Karni acknowledged, "The country is going through a difficult time."
In his address to the nation, Prime Minister Karni acknowledged, “The country is going through a difficult time.”

औटवा। गत मंगलवार को एक वीडिया मैसेज द्वारा देश के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कैनेडियनस को चेतावनी देते हुए कहा कि अब हमें अमेरिका से दूर होने के फैसले की कीमत चुकानी होगी, लेकिन इसका दूसरा विकल्प इससे कहीं अधिक बुरा होगा। मंगलवार को जारी वीडियो संदेश, जो कैनेडा के जवाबी टैरिफ लागू होने के कुछ घंटों बाद जारी किया गया, कार्नी ने अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर का जवाब देने के लिए कैनेडा की योजना को दोहराया।

उन्होंने माना कि इन योजनाओं के तहत, अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए दूसरे देशों के साथ नए ट्रेड डील किए जाएंगे। इस बदलाव की कीमत चुकानी होगी, किसी भी कदम की कीमत होती है। लेकिन यह कीमत हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने की कीमत के मुकाबले कुछ भी नहीं है।

यह वीडियो उस सीरीज का हिस्सा है जिसे कार्नी ने पिछली वसंत ऋतु में शुरु किया था, ताकि कैनेडियनस को सरकारी नीतियों और अमेरिकी ट्रेड एक्शन पर सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी दी जा सके। कार्नी ने कहा कि इन योजनाओं का लक्ष्य मजबूत और लचीला बनकर इस स्थिति से उभरना है ताकि कोई भी देश हमें कभी बंधक न बना सके और हम अपनी मर्जी से जी सकें।

कार्नी ने पिछले महीने अमेरिका के साथ ट्रेड बातचीत रोक दी थी, क्योंकि दोनों पक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस डेडलाइन से पहले किसी समझौते पर नहीं पहुँच पाए थे, जिसमें लगभग 28 अरब डॉलर के कैनेडियन सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ का नया दौर लागू किया जाना था।

अपने वीडियो संदेश में, कार्नी ने अपनी पिछली बात दोहराई कि अमेरिका ने कैनेडा की दूसरे देशों के साथ व्यापार करने की क्षमता और फ्रेंच भाषा व संस्कृति को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने की क्षमता को सीमित करने के उपाय करने की कोशिश की थी। वीकेंड के दौरान फेडरल कंसरवेटिवस ने मांग जारी रखी कि कार्नी इस डील की पूरी जानकारी दें जिससे कैनेडा पीछे हट गया था और सरकार संसद को तय तारीख 21 सितंबर से पहले वापस बुलाए।

रविवार को रेजिना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पोइलीव्रे ने कहा,’हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री साफ-साफ बात करें। हम जानते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बातचीत करना आसान नहीं है। लेकिन सभी को एकजुट रखने और एक ही दिशा में आगे बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि लागत, फैसलों और आगे की योजना के बारे में खुलकर बात की जाए।’

उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ कैनेडा के लोगों ने ही यह डील नहीं देखी है। उन्हें इसे देखने का हक है ताकि वे समझ सकें कि हम किसके लिए लड़ रहे हैं और किसके खिलाफ। वहीं दूसरी ओर अपने वीडियो संदेश में कार्नी ने यह भी कहा कि ट्रंप के टैरिफ इस तरह बनाए गए थे कि उनसे कुछ कैनेडियनस को दूसरों के मुकाबले अधिक नुकसान हो।

अमेरिका ने लगातार कैनेडा के स्टील, एल्युमीनियम, ऑटो और लकड़ी के उद्योगों को निशाना बनाया है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव ओंटेरियो, क्यूबेक और बी.सी. के मजदूरों पर पड़ा है, जबकि अल्बर्टा और शास्केचेवान जैसे राज्यों के मजदूरों पर इसका अधिक प्रभाव नहीं हुआ है।

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