
औटवा। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की कैनेडा को यूरोप के करीब लाने और दुनिया भर के देशों के साथ संबंध मजबूत करने की कोशिशें इस हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हॉमटाउन में जारी रहेंगी, क्योंकि वह न्यूयॉर्क सिटी में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र में शामिल हो रहे हैं।
यात्रा से पहले पत्रकारों को जानकारी देने वाले वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्नी दुनिया के नेताओं और बिजनेस लीडरों से मिलेंगे, लेकिन यह साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यूएनजीए के दौरान मुलाकात होगी या नहीं।
चूंकि ट्रंप जैसे कुछ विश्व नेता बहुपक्षवाद से दूर हो रहे हैं, इसलिए कार्नी जिन चीजों पर ध्यान देंगे, उनमें से एक है संयुक्त राष्ट्र में सुधार और संगठन के अगले महासचिव का चयन। एंटोनियो गुटेरेस यूएन के प्रमुख के तौर पर अपने दूसरे और आखिरी पाँच साल के कार्य सत्र में हैं, जो इस साल के अंत में खत्म हो रहा है।
यात्रा से पहले एक बयान में कार्नी ने कहा, ‘ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को फिर से बनाया जा रहा है, कैनेडा इसे आकार देने में मदद करना चाहता है।’ जनरल एसम्बली में हम पुराने और नए सहयोगियों के साथ बैठेंगे, उन नियमों का बचाव करेंगे जो हमारी संप्रभुता की रक्षा करते हैं और सहयोग को कैनेडियन कामगारों और व्यवसायों के लिए वास्तविक अवसर में बदलेंगे।
वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री यूएन रिफॉर्म प्रयासों पर ठोस प्रगति की मांग करेंगे, ताकि संगठन इस नए संदर्भ में प्रासंगिक बना रहे। अधिकारियों ने बताया कि कार्नी ऐसा सुधार देखना चाहते हैं जो यूएन को इस बड़े वैश्विक बदलाव के दौर में कुशल और प्रासंगिक बने रहने में मदद करे।
इस बदलाव के तहत ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका को कई अमेरिकी एजेंसियों और संगठनों, जैसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लयूएचओ) और सांस्कृतिक एजेंसी यूनेस्को से अलग कर लिया है।
2025 में महासभा में लगभग एक घंटे के भाषण के दौरान, जब टेलीप्रॉम्प्टर ने काम करना बंद कर दिया था, ट्रंप ने यूएन की कड़ी आलोचना की और खुले तौर पर संगठन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। उन्होंने तर्क दिया कि यह अमेरिकी हितों की रक्षा करने में विफल रहा है।
ट्रंप ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र का उद्देश्य क्या है? यूएन में इतनी जबरदस्त क्षमता है, लेकिन यह उस क्षमता के अनुरुप काम करने के करीब भी नहीं पहुँच पा रहा है।’ बाद में गुटेरेस से आमने-सामने की मुलाकात में ट्रंप ने सेक्रेटरी-जनरल से कहा, ‘हमारा देश संयुक्त राष्ट्र के साथ 100 प्रतिशत खड़ा है।’
मंगलवार को कार्नी के फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम के साथ मिलकर ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ पर एक कार्यक्रम आयोजित करने की उम्मीद है, यह कार्यक्रम जनरल असेंबली में इन तीनों देशों द्वारा एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता दिए जाने के एक साल बाद हो रहा है। पिछले साल, कैनेडा ने फिलिस्तीन राज्य को एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रयास के हिस्से के रुप में मान्यता दी थी, कैनेडियन अधिकारियों का कहना था कि इसका मकसद टू-स्टेट सॉल्यूशन की व्यवहार्यता को बनाए रखना था।
