Toronto Mayoral Election : उम्मीदवारों ने एक बार फिर से सिटी को विकास के शिखर तक पहुंचाने उम्मीद जगाई

Toronto Mayoral Election : उम्मीदवारों ने एक बार फिर से सिटी को विकास के शिखर तक पहुंचाने उम्मीद जगाई
Toronto Mayoral Election : उम्मीदवारों ने एक बार फिर से सिटी को विकास के शिखर तक पहुंचाने उम्मीद जगाई

टोरंटो। टोरंटो के अगले मेयर चुनाव के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब केवल चार हफ्ते बाद, टोरंटो निवासी तय करेंगे कि क्या ओलिवीया चाउ को दूसरा कार्यकाल मिलना चाहिए या क्या ब्रैड ब्रैडफोर्ड और क्रिस अलेक्जेंडर सिटी के इस सबसे बड़े पद के लिए अधिक बेहतर उम्मीदवार हैं। ये तीनों उम्मीदवार 50 अन्य नामों वाली लंबी सूची में सबसे आगे चल रहे हैं।

इस चुनाव में महंगाई अर्फोडेबल हाऊसींग, ट्रैफिक जाम और सुरक्षा जैसे मुद्दे अहम चल रहे हैं। इस समाचार में प्रमुख उम्मीदवारों, उनके द्वारा उठाए जा रहे मुख्य मुद्दों, उन्हें हल करने के उनके वादों और इस चुनाव में दांव पर लगी चीजों के बारे में जानकारी दी गई है।

उम्मीदवार :

ओलिवीया चाउ

टोरंटो की पूर्व सिटी काउंसलर और एनडीपी सांसद, ओलिवीया चाउ ने 2023 का उपचुनाव लगभग 34,000 वोटों के अंतर से जीता था। उन्होंने पहले 2014 में मेयर पद के लिए चुनाव लड़ा था, लेकिन पूर्व मेयर जॉन टोरी के बाद तीसरे स्थान पर रही थी। टोरी ने लगातार तीन कार्यकाल पूरे किए थे, लेकिन अपने स्टाफ की एक सदस्य के साथ अफेयर के कारण इस्तीफा दे दिया था। हांगकांग में जन्मीं चाउ और उनका परिवार तब टोरंटो के सेंट जेम्स टाउन इलाके में आकर बस गया था, जब वह केवल 13 साल की थी। वह आज जिस मुकाम पर हैं, उसके लिए वह टोरंटो सिटी को श्रेय देती हैं। 69 वर्षीय यह राजनेता एनडीपी नेता जैक लेटन की पत्नी हैं, जिनका 2011 में कैंसर से निधन हो गया था। वह लेटन के दो बच्चों की सौतेली माँ भी हैं।

ब्रैड ब्रैडफोर्ड

2018 में वार्ड 19 बीचस-ईस्ट यॉर्क से चुने गए ब्रैड ब्रैडफोर्ड सिटी प्लानिंग के बैकग्राउंड के साथ इस भूमिका में आए थे, ज्ञात हो कि इन्होंने पहले तत्कालीन चीफ प्लानर जेनिफर कीसमत के ऑफिस में भी काम किया था। उस समय जब कोई मौजूदा मेयर चुनाव नहीं लड़ रहा था, तब टोरी का समर्थन पाने वाले कुछ ही उम्मीदवारों में से एक ब्रैडफोर्ड भी थे।

क्रिस अलेक्जेंडर

क्रिस अलेक्जेंडर कंसरवेटिव पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री हैं। उन्होंने 2013 से 2015 तक पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर के कार्यकाल में सिटीजनशीप एंड इमिग्रेशन विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी। 2011 में हाउस ऑफ कोमन्स के लिए एजाक्स-पिकरिंग क्षेत्र से चुने जाने से पहले, उन्होंने 2003 से 2005 तक अफगानिस्तान में राजदूत के तौर पर काम किया और बाद में उस देश में संयुक्त राष्ट्र के दो डिप्टी स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव्स में से एक बने।

अर्फोडेबीलटी

इस चुनाव में टोरंटो में रहने का खर्च चर्चा का सबसे अहम मुद्दा बन गया है। चाउ समेत सभी प्रमुख उम्मीदवारों ने कहा है कि सिटी ऑफ टोरंटो बहुत महंगा हो गया है और साथ ही उन्होंने एक अधिक किफायती टोरंटो बनाने का अपना विजन भी पेश किया है। ब्रैडफोर्ड के चुनाव अभियान की मुख्य बातों में से एक है प्रॉपर्टी टैक्स को एक साल के लिए फ्रीज करना, जिसका वादा उन्होंने पिछले हफ्ते किया था। इस योजना के तहत, उन्होंने वादा किया है कि अगर वह चुने जाते हैं, तो अपने बाकी कार्यकाल के दौरान घरों और व्यापार दोनों के लिए प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी को महंगाई दर से कम रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सिटी के बजट में ‘बार-बार उपलब्ध होने वाली गुंजाइशÓ का इस्तेमाल करके, महत्वपूर्ण सेवाओं में कटौती किए बिना इस योजना के लिए फंडिंग की जा सकती है।

जन सुरक्षा

इस महीने की शुरुआत में, चाउ ने टोरंटो में अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए एक योजना पेश की। इसमें युवाओं की सुरक्षा के कार्यक्रमों को चार साल में 28 मिलियन डॉलर तक बढ़ाने की बात कही गई है। इस योजना से युवाओं में हिंसा रोकने और उससे निपटने के मौजूदा कार्यक्रमों का दायरा बढ़ेगा, जिससे हर साल 15,000 युवा और 500 अभिभावक व केयर वर्करस लाभान्वित होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मेंटरशिप, मनोरंजन और कला कार्यक्रमों के जरिए छह साल तक की उम्र के बच्चों और युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोका जा सकेगा। उनके कैंपेन के अनुसार, मेयर के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान इन क्षेत्रों में निवेश से 2025 में युवाओं में हिंसा 40 प्रतिशत कम हुई। वहीं दूसरी ओर, ब्रैड ब्रैडफोर्ड का कहना है कि वह अपने पहले कार्यकाल में 1,000 नए पुलिस अधिकारी नियुक्त करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि इन अधिकारियों को फ्रंटलाइन ड्यूटी, पेट्रोलिंग, मोहल्लों और सबवे स्टेशनों पर तैनात किया जाएगा।

ट्रैफिक

क्रिस अलेक्जेंडर के सबसे व्यापक चुनावी वादों में से एक है उनकी पांच-सूत्रीय ‘टीटीसी टर्नअराउंड पॉलिसी’ इसका मकसद किराया न देने और ट्रांजिट के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाना है। साथ ही, किराए में 10 सेंट (रश आवर के दौरान 20 सेंट) की बढ़ोतरी करके अनुमानित 100 मिलियन डॉलर का नया रेवेन्यू जुटाना भी इसका लक्ष्य है। इस महीने की शुरुआत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, क्रिस अलेक्जेंडर ने टोरंटो के ट्रांजिट सिस्टम को सिटी ऑफ टोरंटो की ‘रीढ़ की हड्डी’ बताया जो सिटी को गतिमान रखती है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि चाउ ने इस सिस्टम की हमेशा ‘अनदेखी’ की है। उन्होंने सिस्टम की जरुरतों और उसे मिलने वाली फंडिंग के बीच 37.3 बिलियन डॉलर के अंतर की ओर इशारा किया।

इस चुनाव में क्या दांव पर है?

जॉन बीबे टोरंटो मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी में गैर-पक्षपाती ‘डेमोक्रेटिक एंगेजमेंट एक्सचेंजÓ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं और उन्हें उम्मीद है कि इस चुनाव में अधिक से अधिक टोरंटो वासी वोट डालेंगे। 2023 के उपचुनाव में वोटिंग का प्रतिशत लगभग 38 प्रतिशत था। बीबे ने कहा कि उनका ग्रुप अगले महीने होने वाले चुनाव से पहले लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। उनका यह भी कहना है कि यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया में ‘नाजुकÓ हालात हैं।

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