वैंकूवर निवासी के पास 66 बैंक कार्ड और 39,000 डॉलर की नकदी मिली: आरसीएमपी
Vancouver resident found with 66 bank cards and $39,000 in cash: RCMP

वैंकूवर। तीन साल से भी पहले की बात है, जब वैंकूवर पुलिस ने एक व्यक्ति को एटीएम से डॉलरस निकालने के लिए कई बैंक कार्ड इस्तेमाल करते हुए देखा और गिरफ्तार भी कर लिया था। तलाशी लेने पर उसके पास 66 बैंक कार्ड और 39,200 डॉलरस की नकदी मिली। मार्च 2023 में हुई इस अजीब घटना की जानकारी आरसीएमपी के साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेटर ने एक हलफनामे में दी थी।
इसी घटना के बाद कई ऐसी घटनाएं हुईं जिनसे कैनबिस और मतिभ्रम पैदा करने वाले मशरुम की गैर-कानूनी ऑनलाइन बिक्री की देशव्यापी जांच शुरु हुई। आरसीएमपी ने कैनेडा की मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली संस्था फिनट्रैक की मदद से जांच की और उन नंबर वाली कंपनियों और बैंक खातों के जाल का पता लगाया जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर डॉलरस इकट्ठा करने, इधर-उधर करने और छिपाने के लिए किया जाता था।
हालांकि बी.सी. सरकार के ‘डायरेक्टर ऑफ सिविल फॉर फीचर’ ने एक मुकदमे में आरोप लगाया है कि इन वेबसाइटों के पीछे एक आपराधिक संगठन है, लेकिन मामले में आरोपी बनाए गए किसी भी व्यक्ति पर आपराधिक आरोप नहीं लगाए गए हैं। साथ ही, जांचकर्ताओं के निशाने पर रहीं वेबसाइटें अभी भी ऑनलाइन हैं और कैनबिस व साइलोसाइबिन से बने कई तरह के उत्पाद बेच रही हैं। इसके बजाय, डायरेक्टर ने मार्च 2026 में उन खाताधारकों से धन जब्त करने के लिए मुकदमा दायर किया, जिनके खातों में कथित तौर पर अवैध धन पहुंचाया था।
Read Also : वर्ल्ड कप के दौरान टोरंटो के रेस्टोरेंटों में डीनर करने वालों की संख्या बढ़ी : डाटा
मुकदमे के समर्थन में सार्जेंट रॉबिन क्रिचली के हलफनामे में तीन खाताधारकों पर कथित ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग में सीधे तौर पर शामिल होने का आरोप लगाया गया है। क्रिचली बताते हैं कि वेबसाइटों से खरीदने वालों का धन एक मल्टी-स्टेज प्रोसेस से गुजरता था, जिसकी शुरुआत इलेक्ट्रॉनिक मनी ट्रांसफर (इएमटी) से होती थी। क्रिचली कहते हैं, ‘जब ग्राहक ऑनलाइन गैर-कानूनी प्रोडक्ट्स चुनकर खरीद लेते हैं, तो उन्हें गैर-कानूनी प्रोडक्ट्स मिलने से पहले इएमटी भेजने के लिए एक ईमेल दिया जाता है।’
‘इएमटी पाने वाला कंट्रोलर यह चुन सकता है कि डॉलरस किस बैंक खाते में आए, आमतौर पर यह धन अलग-अलग फेडरली रजिस्टर्ड कंपनियों के खातों में जाता है और फिर व्यक्तियों के पर्सनल बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है।’ सरकार ने तीन अकाउंट होल्डर्स – शादीशुदा जोड़े जेम्स शेरबक और रोजा मोहम्मदी, और नोआ ईव्स पर आरोप लगाया है कि उन्होंने नवंबर 2024 से जनवरी 2026 के बीच गैर-कानूनी बिक्री से कमाए गए 1.5 मिलियन डॉलर से अधिक धन कई अकाउंट्स में ‘हजारों’ इलेक्ट्रॉनिक मनी ट्रांसफर के जरिए भेजे।
Read Also : महीनों के वाद-विवाद के बाद खुला गार्डी होवे ब्रिज
शेरबक और मोहम्मदी ने मुकदमे के जवाब में कहा कि ये धन गैर-कानूनी गतिविधियों से नहीं आए थे, और फोन पर संपर्क किए जाने पर मोहम्मदी ने फोन काट दिया। 23 साल के ईव्स, जो खुद को साउंड इंजीनियर बताते हैं, उन्होंने ईमेल और वॉकथित मेल मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया।
