
US-Iran War : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच हुआ समझौता अब टूट चुका है और हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, 7 जुलाई को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों को निशाना बनाया। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले किए। इसके बाद से दोनों देशों के बीच लगातार जवाबी कार्रवाई जारी है।
इसी बीच CNN की एक रिपोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने अमेरिका के साथ एक नई खुफिया जानकारी साझा की है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की एक नई साजिश तैयार की है।
CNN ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह चेतावनी इसी सप्ताह अमेरिका को दी गई। हालांकि, अमेरिकी एजेंसियों को पहले भी ट्रंप की सुरक्षा को लेकर कई इनपुट मिलते रहे हैं, लेकिन इजरायल की ओर से मिली यह जानकारी पहले की तुलना में अधिक गंभीर मानी जा रही है।
हालांकि, अमेरिकी प्रशासन के कुछ अधिकारियों का मानना है कि इजरायल की यह रिपोर्ट अमेरिका के फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश भी हो सकती है। बताया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करने पर विचार कर रहा है और ऐसे समय में इस तरह की खुफिया जानकारी उस फैसले को मजबूती दे सकती है। फिलहाल, न तो अमेरिका और न ही इजरायल ने इस रिपोर्ट की आधिकारिक पुष्टि की है।
गौरतलब है कि अमेरिका लंबे समय से यह आशंका जताता रहा है कि ईरान, 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए अपने शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए ट्रंप को निशाना बना सकता है।
हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने भी इस खतरे का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, “वे अमेरिकी नेता, यानी मुझे खत्म करना चाहते हैं। मैं उनकी सूची में हूं। अब तक मैं किस्मत वाला रहा हूं, लेकिन यह हमेशा नहीं रह सकता।”
ट्रंप ने आगे कहा, “ये बेहद खतरनाक लोग हैं। कैंसर को शुरुआती दौर में ही खत्म करना पड़ता है और मैं इस पूरे मामले को भी उसी नजरिए से देखता हूं।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें हाल ही में एक नई सूची के बारे में जानकारी मिली है, जिसमें उन्हें ईरान का प्रमुख निशाना बताया गया है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा इजरायल की खुफिया रिपोर्ट की ओर था या किसी अन्य इनपुट की तरफ।
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अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को चिंता है कि ईरान मौजूदा और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बना सकता है। वहीं, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इजरायल की यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी समझौते के विरोध में रहे हैं।
दूसरी ओर, ईरान में हाल ही में पूर्व सुप्रीम लीडर का अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और कई जगह ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी भी देखने को मिली। बताया जा रहा है कि वे युद्ध की शुरुआत में अमेरिकी हमले में मारे गए थे।फिलहाल, 60 दिन का युद्धविराम भी खत्म हो चुका है और दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में पूरे पश्चिम एशिया की स्थिति एक बार फिर बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
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नोट: इस लेख में जिन दावों का उल्लेख है—जैसे हत्या की कथित साजिश, सैन्य हमले या अन्य घटनाक्रम—वे विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित हैं। इनमें से कई दावों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
